नई दिल्ली, फरवरी 18 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को गुमशुदा लोगों के मामले में राहत की मांग वाली जनहित याचिका खारिज कर दी। मुख्य न्यायाधीश देवेन्द्र कुमार उपाध्याय व न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने याचिकाकर्ता आनंद लीगल एड फोरम ट्रस्ट को फटकार लगाते हुए कहा कि जनहित में इस मुद्दे पर कोई खास उदाहरण या विवरण नहीं हैं। पीठ ने यह टिप्पणी तब की जब ट्रस्ट की तरफ से पेश वकील ने कहा कि यह मुद्दा गंभीर है। इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए। पीठ ने कहा कि सिर्फ इसलिए कि आपको लगता है कि किसी मुद्दे को एक खास तरीके से निपटाया जाना चाहिए, यह परमादेश मांगने का आधार नहीं हो सकता। पीठ ने कहा कि पुलिस के कार्य को बाहरी व्यक्ति या संस्था तय नहीं कर सकते। पुलिसिंग कैसे की जानी है यह पुलिस पर छोड़ देना चाहिए।

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