गुमला, अक्टूबर 30 -- गुमला, प्रतिनिधि । चाईबासा सदर अस्पताल ब्लड बैंक में एचआईवी संक्रमित रक्त थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को चढ़ाए जाने की चौंकानेवाली घटना ने पूरे राज्य के स्वास्थ्य तंत्र को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना के बाद गुमला समेत झारखंड के तमाम ब्लड बैंकों की स्थिति की जांच शुरू हुई। जिसमें गुमला सदर अस्पताल का ब्लड बैंक भी सवालों के घेरे में आ गया है। जानकारी के अनुसार गुमला ब्लड बैंक का लाइसेंस पिछले चार से पांच वर्षों से नवीनीकृत नहीं हो पाया है। बावजूद इसके यहां रक्त का संग्रहण और वितरण जारी था। यह स्थिति स्वास्थ्य सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी को दर्शाती है। गुमला सदर अस्पताल प्रबंधन ने अब जाकर लाइसेंस नवीनीकरण के लिए आवेदन किया है। यह स्थिति सिर्फ गुमला ही नही पूरे राज्य के कई जिलों के ब्लड बैंक या तो बिना लाइसेंस चल रहे हैं...
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