देवघर, फरवरी 4 -- मधुपुर, प्रतिनिधि । गुनाहों से तौबा करने की रात शब-ए-बारात को लेकर मुस्लिम धर्मलंबियों ने रातभर जागकर अकीदत की। इलाके के मस्जिदों को रंग-बिरंगे लाइट से सजायी गयी थी। साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था की गई। भेड़वा, लालगढ़, बेलपाड़ा, पनाहकोला, खलासी मोहल्ला, नवी बक्स रोड, पथरचपटी, पटवाबाद समेत ग्रामीण अंचलों में पर्व को लेकर काफी उत्साहित दिखे। कब्रिस्तानों में जाकर पूर्वजों की मगफिरत के लिए दुआ की। शब-ए-बारात केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि आत्ममंथन और सुधार का संदेश भी देता है। यह रात इंसान को अपने गुनाहों को स्वीकार कर उनसे तौबा करने, दूसरों को माफ करने और दिल से नफरत निकालने की सीख देती है। शब-ए-बारात 2026 इस्लामी कैलेंडर के शाबान महीने की 15वीं रात को मनाई गई। जानकार बताते हैं शब-ए-बारात को 'लैलतुल बरात' भी ...
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