हिन्दुस्तान ब्यूरो, जनवरी 13 -- बिहार में भी अब केसर की खेती हो सकेगी। बिहार कृषि विश्वविद्यालय (सबौर) के वैज्ञानिकों ने प्लांट टिश्यू कल्चर तकनीक से नियंत्रित तापमान में प्रदेश की जलवायु के अनुकूल केसर के पौधे विकसित किये हैं। इसे इन-विट्रो (कांच के अंदर) प्रत्यक्ष प्रजनन के जरिए विकसित किया गया है। इसे भारत सरकार के पेटेंट कार्यालय से नौ जनवरी को पेटेंट का प्रमाणपत्र भी मिल गया। केसर की खेती जम्मू-कश्मीर के जलवायु के अनुकूल मानी जाती है। वैज्ञानिकों का कहना है बिहार की जलवायु में केसर की खेती चुनौतीपूर्ण है। किंतु नियंत्रित तापमान, नमी एवं संरक्षित वातावरण में यह संभव है। इन-विट्रो तकनीक से प्राप्त स्वस्थ पौधे का उपयोग पॉलीहाउस, नेट हाउस एवं आधुनिक उद्यानों में किया जा सकेगा। इससे प्रगतिशील किसान, उत्पादक संगठन, उद्यमी और स्टार्टअप केसर...