नई दिल्ली, नवम्बर 26 -- भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की टीम ने गुजरात के द्वारका में पानी के अंदर पुरातात्विक खोज का नया अभियान शुरू किया है। इसमें द्वारका और बेट द्वारका के समुद्री क्षेत्र में डूबे अवशेषों की पहचान और अध्ययन शामिल है। यह अभियान एएसआई के अंडरवॉटर आर्कियोलॉजी विंग (यूएडब्ल्यू) के तहत चलाया जा रहा है। इस अध्ययन के दौरान समुद्री क्षेत्रों में संभावित जलमग्न पुरातात्विक अवशेषों की पहचान करना, दस्तावेजीकरण और वैज्ञानिक अध्ययन करना है। प्राचीन ग्रंथों में भगवान कृष्ण की नगरी द्वारका लंबे समय से पुरातत्वविदों और समुद्री शोधकर्ताओं के लिए आकर्षण का केंद्र रही है। इस मिशन में बड़ी संख्या में महिला पुरातत्वविदें भी शामिल हैं, जो संस्था के लिए एक उल्लेखनीय कदम है। बता दें, एएसआई पहले भी 2005 और 2007 के बीच द्वारका में तटीय और स...