आरा, दिसम्बर 5 -- आरा। निज प्रतिनिधि वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के पीजी अंग्रेजी विभाग में गीता हरिहरन के चुनिंदा उपन्यासों में विरोध की आवाज विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। मौके पर अतिथि के रूप में पटना यूनिवर्सिटी के बीएन कॉलेज के प्रो डीएन सिन्हा, एमवी कॉलेज बक्सर के प्राचार्य प्रो केके सिंह मौजूद थे। विषय पर शोधार्थी सबीर कुमार ने विशेष रूप से अपना अध्ययन पत्र प्रस्तुत किया। वहीं वक्ताओं ने कहा कि गीता हरिहरन ने अपने उपन्यासों के माध्यम से भारतीय समाज में व्याप्त शक्ति संरचनाओं, लैंगिक असमानता और सांस्कृतिक रूढ़ियों पर सवाल उठाया है। उनके उपन्यास हाशिए पर पड़े आवाजों को मंच देते हैं, जिससे उनका लेखन विरोध सशक्त माध्यम बन जाता है। हरिहरन ने अपने उपन्यासों के माध्यम से स्त्रियों के अस्तित्व और उनकी पहचान के संघर्ष को चित्रित किया...
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