आशीष दीक्षित, दिसम्बर 29 -- कभी आर्थिक तंगी से जूझ रहीं बरेली की गीता आज महिलाओं की आत्मनिर्भरता की मिसाल बन गई हैं। गीता ने दो साल पहले जो बीज बोया था, आज वह सशक्तीकरण की मिसाल बन चुका है। उन्होंने न सिर्फ खुद की जिंदगी संवारी बल्कि अपने साथ दस और महिलाओं को आर्थिक मजबूती की राह दिखाई। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत महिलाओं की आजीविका में वृद्धि करने व उन्हें आत्मनिर्भर बनाये जाने का अभियान चल रहा है। आलमपुर जाफराबाद विकास खंड की सिरसा बिछुरिया ग्राम पंचायत की गीता भी इस अभियान से जुड़ीं। गीता ने एक महिला स्वयं सहायता समूह का गठन किया। शुरू में संसाधन कम थे, लेकिन हौसला बुलंद। समूह की दस महिलाओं को उन्होंने आजीविका की नई राह दिखाई। गीता ने बैंक से चार प्रतिशत ब्याज की दर पर दो लाख रुपये का लोन लेकर गुलाब फूल की खेती शुरू की। ध...
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