मथुरा, नवम्बर 30 -- गीता जयंती की पूर्व दिवस पर राधा दामोदर मंदिर में ब्राह्मण महासभा के तत्वावधान में गीता जयंती कार्यक्रम मनाया गया। कार्यक्रम में गीता के बारहवें अध्याय का सस्वर पाठ किया गया। संस्थापक सुरेश चंद्र शर्मा एवं राधा दामोदर मंदिर के सेवायत कनिका गोस्वामी ने कहा कि गीता ही एकमात्र ऐसा ग्रंथ है, जिसकी हर साल जयंती मनाई जाती है। गीता को श्रीमद्भगवद्गीता और गीतोपनिषद के नाम से भी जाना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि गीता के उपदेशों का अनुसरण करने से समस्त कठिनाइयों और शंकाओं का निवारण होता है। जिस दिन श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता का ज्ञान दिया था उस दिन मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी थी, इसीलिए इस दिन को गीता जयंती के रूप में मनाया जाता है। इस दिन उपवास करने की भी मान्यता है। गीता जयंती के दिन उपवास करने से मन पवित्र होता है ...
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