वाराणसी, जनवरी 7 -- वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। भारत भारती परिषद की तरफ से आसभैरव अग्रवाल भवन में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के षष्ठम दिवस कृष्ण लीला और पर्यावरण चर्चा हुई। संस्था के अध्यक्ष अशोक वल्लभदास ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने गिरिराज पूजन कर सर्वप्रथम पर्यावरण सुरक्षा का संदेश दिया था। जब तक पर्वत, वन, गाय, पशु-पक्षी सुरक्षित नहीं रहेंगे तो हम कैसे पर्यावरण की सुरक्षा कर सकेंगे। महोत्सव में व्यासपीठ से बोलते हुए पं. अम्बुज कृष्ण शास्त्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने जब गोर्वधन पर्वत को अपनी कनिष्ठा उंगली पर उठाया तभी से उनका नाम गोवर्द्धन धरण जग प्रसिद्ध हो गया। आज भी वही स्वरूप वैष्णव के प्रमुख पीठ नाथद्वारा (राजस्थान) में श्रीनाथजी के रूप में विद्यमान है। उनकी गोद में विराजमान प्रभु का बाल स्वरूप मुकुन्द रायजी महादेव के निवेदन पर का...
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