मुजफ्फर नगर, नवम्बर 12 -- तीर्थ नगरी शुकतीर्थ स्थित हनुमत धाम में ब्रह्मलीन स्वामी रामधारी महाराज की पुण्य स्मृति में आयोजित श्रीमद भागवत कथा महोत्सव के पांचवें दिन श्री धाम वृंदावन से पधारे विश्व विख्यात कथा व्यास भागवत रत्न आचार्य मृदुल कृष्ण गोस्वामी महाराज ने गिरिराज महाराज की महिमा बताई। कथा वाचक ने कहा कि गिरिराज जी और श्री बिहारी जी महाराज में कोई फर्क नहीं है दोनों एक ही हैं। पूतना की कथा का वर्णन करते हुए आचार्य ने कहा कि पूतना पूर्व जन्म में राजा बली की पुत्री थी। पूतना स्तनों में विष लगाकर जब भगवान को मारने के लिए आई तो प्रभु ने आंखें बंद कर ली । प्रभु के आंखें बन्द करने का एक कारण यह था कि विष को देखकर वह नेत्र बंद करके भगवान शंकर का ध्यान करने लगे। दूसरा कारण यह भी था कि आंखें खोलने से पूतना से प्रभु को प्रीति हो सकती है, और ...