लखनऊ, मार्च 6 -- गोंडा में बीते साल 18 जुलाई को हुए चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस के हादसे की फाइनल रिपोर्ट में भी इंजीनियरिंग विभाग की ही गलती मिली है। पूर्वोत्तर रेलवे के रेलवे सुरक्षा आयुक्त (सीआरएस) प्राण जीव सक्सेना ने भी माना है कि खराब पैंड्रोल क्लिप, लाइनर, रबर और पैड की फिटिंग की वजह से यह दुर्घटना हुई है। यही रिपोर्ट प्राइमरी जांच में भी सामने आई थी। जिसमें इंजीनियरिंग विभाग को ही दोषी माना गया था। फाइनल रिपोर्ट के मुताबिक ट्रैक पर रबर सोल पैड नहीं थे। गिट्टी को गलत तरीके से बिछाया गया था। इन कारणों से रेल ट्रैक में ऐंठन आ गई। इस बीच इंजीनियरिंग विभाग की फील्ड यूनिट, गैंग नंबर 20 के कीमैन से लेकर सीनियर असिस्टेंट डिवीजनल इंजीनियर तक सभी अधिकारी जिम्मेदार पाए गए हैं। 18 जुलाई को चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस की 21 बोगियां पटरी से उतर ...
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