गिरडीह, सितम्बर 12 -- गावां। गावां थाना एक बार फिर सुर्खियों में है। कभी यह थाना पुलिस पदाधिकारियों के लिए 'पनिशमेंट पोस्टिंग माना जाता था, लेकिन अब हालात बदले हैं। नक्सलियों और अंतरराज्यीय अपराधियों से मुक्त होने के बाद यहां तैनाती को प्रतिष्ठा समझा जाने लगा है। बावजूद इसके, थानेदारी अब भी आसान नहीं साबित हो रही है। ताज़ा मामला हत्यारोपी की थाना में आत्महत्या और बाद में मौत का है। आरोप है कि थाना प्रभारी अभिषेक कुमार की लापरवाही से यह घटना हुई। एसपी ने कार्रवाई करते हुए उन्हें लाइन हाजिर कर दिया। करीब 10-12 साल पहले तक गावां थाना क्षेत्र नक्सली गतिविधियों और अपराधियों का अड्डा माना जाता था। हालात यह थे कि शाम पांच बजे के बाद पुलिस खुद थाना में कैद हो जाती थी। समय बदला तो नक्सली साफ हो गए, लेकिन अब पत्थर, क्वार्ट्ज और शराब का अवैध कारोबार...
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