गोरखपुर, फरवरी 20 -- गोरखपुर, कार्यालय संवाददाता। एम्स के चर्म रोग विभाग में एक 22 वर्षीय युवती के इलाज के दौरान उसके दुलर्भ बीमारी स्पिट्ज नेवस से पीड़ित होने का पता चला। डाक्टरों के अनुसार, यह बीमारी मेलानोसाइटिक ट्यूमर से संबंधित है। सही समय पर इलाज न होने पर युवती को कैंसर का खतरा था। एम्स के चर्म रोग विभागाध्यक्ष डॉ. सुनील कुमार गुप्ता ने बताया कि 22 वर्षीय युवती चार वर्षों से बाएं गाल पर मौजूद एक गांठ की समस्या लेकर त्वचा रोग विभाग में पहुंची थी। गांठ में किसी प्रकार का दर्द या संक्रमण नहीं था। सर्जरी के बाद नमूना नमूना हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच के लिए भेजा गया। इसमें स्पिट्ज नेवस बीमारी की पुष्टि हुई। बताया कि स्पिट्ज नेवस एक तरह का गैंर कैंसर ट्यूमर है। सही समय पर इलाज न मिलने से यह कैंसर का रूप ले सकता था। यह बच्चों और युवाओं में पाय...