घाटशिला, सितम्बर 3 -- गालूडीह, संवाददाता। उल्दा मौजा के किसानों की लंबे समय से चली आ रही समस्या को लेकर अब सकारात्मक पहल सामने आई है। वर्ष 2011 से टाटा पिगमेंट कंपनी द्वारा संचालित डंपिंग यार्ड से बारिश के दिनों में निकलने वाला प्रदूषित पानी सीधे किसानों के खेतों में पहुंचकर फसल को बर्बाद कर रहा था। ग्रामीणों के अनुसार, प्रारंभिक दो वर्षों तक प्रभावित किसानों को मुआवजा दिया गया, लेकिन उसके बाद से अब तक किसी भी तरह की भरपाई नहीं की गई। कंपनी द्वारा मुआवजा देने से इनकार किए जाने के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने ग्राम सभा आयोजित कर सामूहिक ज्ञापन तैयार किया और पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन को सौंपा। पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि टाटा कंपनी को इस नुकसान की जिम्मेदारी लेनी होगी। उनके हस्तक्षेप के बाद कंपनी ने सकारात्...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.