संवाददाता, नवम्बर 12 -- यदि आप अपनी कार या बाइक बेचने का मूड बना रहे हैं तो भूलकर भी ऐसी गलती न करिएगा। अक्सर ऐसे मामले सामने आ रहे हैं जहां वाहन विक्रेता अपने वाहन बेच तो देते हैं लेकिन खरीदार ट्रांसफर प्रक्रिया पूरी करने में देरी करते हैं। इस बीच यदि उस वाहन से कोई हादसा या अपराध हो जाए तो जिम्मेदारी पुराने वाहन मालिक की बन जाती है। क्योंकि कागजों में वाहन अभी भी उसके नाम पर दर्ज रहता है। दिल्ली में हाल ही में हुए बम ब्लास्ट ने इस भय को और गहरा कर दिया है। जांच में खुलासा हुआ कि ब्लास्ट में इस्तेमाल वाहन चार बार बिक चुका था मगर आरटीओ में कभी ट्रांसफर नहीं हुआ। इस घटना के बाद गोरखपुर के वाहन विक्रेताओं में भी चिंता बढ़ी है। यहां भी कई ऐसे मामले हैं जहां विक्रेता ने वाहन तो बेच दिया लेकिन खरीदार ने नामांतरण नहीं कराया और बाद में हादसे की ...
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