धनबाद, सितम्बर 29 -- धनबाद, वरीय संवाददाता महासप्तमी पर सोमवार को कोलाबोउ को गाजे-बाजे व ढोल-नगाड़े के साथ पूजा पंडालों में प्रवेश कराया जाएगा। बंगाली परंपरा के अनुसार सप्तमी की सुबह धूमधाम से नवपत्रिका लेकर आसपास के नदी तालाब व सरोवरों में जाएंगे। वापसी में कोलाबोउ को डोली में बैठाकर लाया जाएगा। नवपत्रिका और कोलाबोउ को पंडाल में प्रवेश कराया जाएगा। विधि-विधान से पूजा होगी। इसके बाद मंत्रोच्चार के साथ पुजारी मां दुर्गा की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा करेंगे। इसके साथ ही देवी दुर्गा का गज (हाथी) पर आगमन हो जाएगा। बंगाली परंपरा के अनुसार कोलाबोउ की आराधना का विशेष महत्व है। शारदीय नवरात्र की षष्ठी पूजन पर माता दुर्गा अपने नौ स्वरूपों में जगत कल्याण के लिए पृथ्वी पर आती हैं। इस अवसर पर भगवान गणेश की पत्नी कोलाबोउ की पूजा कर मां दुर्गा की आराधन...
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