दुमका, फरवरी 15 -- रामगढ़। रामगढ़ प्रखंड अंतर्गत के ग्राम ठाड़ी में। मां भगवती के कार्यक्रम में मूल के रूप में निमाई मांझी तथा उनकी धर्मपत्नी पुतली देवीथे।वैदिक मंत्रोचारण के लिए पंडित कृष्णानंन्द ठाकुर थे। इस आठ दिवसीय रात्रि गान में पंडित निरंजन ठाकुर विस्तृत रूप से मां भगवती की लीला को वर्णन कर सभी श्रद्धालुओं के आंखे नम हो गई। पंडित निरंजन ठाकुर ने बताते है कि सिंघल जाकर अपने कारागार से मुक्त कर राजा शालिग्राम के बहन की बेटी के साथ शादी करके वापस उज्जैन नगर लौट आए।जहां का राजा विक्रम किशोरी था।इसके मूल उद्देश्य धनपति सौदागर के हाथों से मां भगवती पूजा लेना था।क्योंकि भोले नाथ को छोड़कर किसी भी देवी देवताओं का पूजा नहीं करते थे।जो शिव शक्ति,जो शक्ति वही शिव। इसी के साथ कथा को पूर्ण विराम दिया गया।खोल बादक सिकंदर मांझी, उदय मांझी ऑर्गन ब...