बागपत, जून 9 -- जिला स्तरीय अधिकारी अब ग्राम पंचायतों में विभिन्न वित्त से कराए जाने वाले विकास कार्यों की हकीकत जानेंगे। गांव-गांव जाकर कार्यों का भौतिक सत्यापन करेंगे। इसके बाद जिला प्रशासन को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। गड़बड़ी मिलने पर संबंधित ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सचिव पर कार्रवाई की जाएगी। जिले में 244 ग्राम पंचायत हैं। इनमें पांचवें वित्त आयोग, 15वां वित्त आयोग और स्वच्छ भारत मिशन के जनप्रतिनिधियों की निधि से गलियों, नालियों, खडंजा, पंचायत भवन, बरातघर सहित अन्य विकास कार्य कराए जाते हैं। साथ ही जनप्रतिनिधियों और मनरेगा से कच्चे मार्ग और तालाबों का सौंदर्यीकरण कराया जाता है, लेकिन ठेकेदार द्वारा ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सचिव की मिलीभगत से मानक के अनुसार निर्माण कार्य नहीं कराए जाते हैं। कहीं लंबाई तो कहीं ऊंचाई कम कर दे...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.