शामली, मई 1 -- मनरेगा में एक तो पहले से ही मजदूरी कम ऊपर भुगतान का इंतजार एवं बराबर काम न मिलने का झंझट। इन सबके चलते श्रमिकों को शहर काम की तलाश में आना पड़ रहा है। शहर में सुबह के समय धीमानपुरा रेलवे फाटक के समीप श्रमिकों का जमावड़ा लगता है। इनमें से कुछ को काम मिल जाता है तो कई को काम न मिलने पर वापस लौटना पड़ता है। गांवों में मनरेगा के अंतर्गत रोजगार के हालात यह है कि साल में जिले में केवल 190 परिवारों को सौ दिन काम मिला। 1 मई को अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस मनाया जा रहा है। इस दिन श्रम विभाग भी जनपद में तीन इंडस्ट्रियल क्षेत्र, कैराना और झिंझाना में श्रमिकों के पंजीकरण एवं रिव्यनूल व हित लाभ कैंप आयोजित करेगा। इनमें श्रमिकों के हित के लिए चलाई जा रही विभाग की कल्याणकारी योजनाओं को भी बताया जा जायेगा, लेकिन धरातलीय रूप देखा जाए तो ग्राम...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.