नई दिल्ली, अक्टूबर 16 -- नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) द्वारा वार्षिक पास लांच किए जाने के बाद टोल शुल्क के मामले में लोगों को काफी राहत मिली है, लेकिन गलत तरीके से शुल्क काटे जाने के मामले अब भी बने हुए हैं। वार्षिक पास के अतिरिक्त फास्टैग वॉलेट से रिजर्व धनराशि भी गलत तरीके से काटी जा रही है। आंकड़े बताते हैं कि अगस्त में गलत तरीके से टोल शुल्क काटे जाने पर 3.18 लाख से अधिक लोगों ने शिकायत दर्ज कराई। इनमें से 1.34 लाख से अधिक शिकायतों पर धनराशि को वापस किया गया। वहीं, 1.83 लाख से अधिक मामलों में लोगों ने दोबारा से शिकायत दर्ज कराई है। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) के आंकड़ों को देखा जाए तो चार बैंकों से जुड़े फास्टैग की सबसे ज्यादा शिकायतें दर्ज हुई है। आईडीएफसी फर्स्ट, आईसीआईसी, कोटक महिंद्रा और यश बैंक शामिल है। हा...
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