प्रमुख संवाददाता, जनवरी 4 -- यूपी के कानपुर में पार्षदों और महापौर के बीच चल रही तू-तू, मैं-मैं को भाजपा के तमाम जिम्मेदार इसे जरा सी 'गलतफहमी' बता रहे हैं। इस 'गलतफहमी' में परिवारवाद का आरोप उछल चुका है। भ्रष्टाचार का इशारे हैं। शक्ति प्रदर्शन है। धड़ेबंदी के सारे पैंतरे आजमाए जा रहे हैं। लेकिन शहर में भाजपा के तमाम जिम्मेदार इसे जरा सी 'गलफहमी' बता रहे हैं। एक माननीय तो ऐसी भी हैं जिन्होंने कहा, 'नगर निगम में क्या चल रहा, कुछ पता नहीं।' बाकी सबको भी नगर निगम में सब चंगा दिख रहा है। यह बात अलग है कि शहर में अलावों से ज्यादा चिनगारियां महापौर-पार्षद टकराव में छूट रहीं हैं। नगर निगम महापौर से उन्हीं की पार्टी के कई दिग्गज पार्षदों के बीच दूरियां काफी पहले से बनती चली आ रहीं थीं। यही वजह है कि जो दिग्गज पार्षद नगर निगम सदन में अगली पंक्ति म...