संभल, मार्च 19 -- गर्मी के बढ़ते प्रकोप से गेहूं, चना, मसूर, सरसों और मटर जैसी रबी फसलें प्रभावित हो सकती हैं। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि फसल की अच्छी पैदावार बनाए रखने के लिए समय पर सिंचाई और कीटनाशकों का उचित छिड़काव जरूरी है। कृषि विभाग ने खेतों की नमी बनाए रखने के लिए नियमित रूप से सिंचाई करने, फसल को नुकसान पहुंचाने वाले कीटों और रोगों से बचाने के लिए उचित मात्रा में दवा का छिड़काव करने, अधिक तापमान से बचाने के लिए खेतों में मल्चिंग (पुआल या घास बिछाना) जैसी तकनीक अपनाने के लिए कहा है। इससे मिट्टी की उर्वरता और नमी प्रभावित होती है। गुन्नौर उप-संभागीय कृषि प्रसार कार्यालय के सहायक विकास अधिकारी राजकुमार शर्मा ने कहा किसानों को चाहिए कि वे अपनी फसलों की सिंचाई समय पर करें ताकि अत्यधिक गर्मी का असर कम किया जा सके। खेतों की नमी बनाए ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.