प्रयागराज, जनवरी 25 -- एसोसिएशन ऑफ ऑब्स्टेट्रिशियंस एंड गायनेकोलॉजिस्ट्स (एओजीएस) की ओर से रविवार को एएमए सभागार में वार्षिक अधिवेशन आयोजित किया गया। शुभारंभ पद्मश्री व वरिष्ठ स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. राज बवेजा, मुख्य अतिथि मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. वीके पांडेय, डॉ. वीना गुप्ता ने किया। लखनऊ के एसजीपीजीआई में स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की अध्यक्ष डॉ. मंदाकिनी प्रधान ने कहा कि कभी-कभी गर्भस्थ शिशु के जीवन को बचाने के लिए खून चढ़ाने की जरूरत होती है। खून की कमी तब होती है जब पत्नी के रक्त समूह का आरएच फैक्टर निगेटिव और पति का आरएच फैक्टर पॉजिटव होता है। इससे गर्भस्थ शिशु में ऐसी एंटीबाडी बन जाती है जो शिशु के लाल रक्त कणिकाओं को नष्ट कर देती है। इससे बच्चे के शरीर में पानी जमा होने लगता है तब रक्त चढ़ाया जाता ...