सिद्धार्थ, फरवरी 23 -- सिद्धार्थनगर, हिन्दुस्तान टीम। स्वास्थ्य विभाग ने आशा कार्यकर्ताओं के कार्यों की ब्लॉकवार समीक्षा शुरू कर दी है। कई-कई माह तक प्रसव सेवा न कराने वाली आशाओं के कार्यों की समीक्षा की जा रही है। समीक्षा के बाद गर्भवती की प्रसव सेवा में दिलचस्पी न लेने वाली आशाओं पर गाज गिरनी तय है। विभागीय लोगों का कहना है कि आशा को कई इंडीकेटर पर टीम के साथ कार्य करने की जिम्मेदारी तय है। इसकी भी जानकारी कराई जा रही है। ब्लॉकों से जनपद पर रिपोर्ट आते ही कार्रवाई तय है। दरअसल, स्वास्थ्य विभाग प्रसव सेवा के दौरान जच्चा-बच्चा सुरक्षित रहे और संस्थागत प्रसव संभव हो सके इसके लिए जनपद भर में लगभग 12 सौ से अधिक आशा के माध्यम से ग्रामीण अंचल में कार्य लेता है। यह प्रशिक्षित आशा महिला के गर्भवती होने पर स्वास्थ्य विभाग में पंजीकरण कराकर संस्था...