रामपुर, दिसम्बर 15 -- गर्भवती महिलाओं को निजी सेंटरों पर निशुल्क रूप से अल्ट्रासाउंड कराने की व्यवस्था फिलहाल ठप है। करीब चार माह से सीएचसी-पीएचसी पर जांच के लिए पहुंच रहीं गर्भवती महिलाओं को जिला महिला अस्पताल में भेजा जा रहा है। ऐसा इसीलिए है कि शासन स्तर से निजी अल्ट्रासाउंड सेंटर को किए जाने वाले भुगतान की व्यवस्था बंद कर दी गई है। हर माह चार हजार गर्भवती महिलाएं इससे प्रभावित हो रही हैं। शासन ने दो वर्ष पूर्व ई-रूपी वाउचर व्यवस्था शुरू की थी। मकसद था कि जिन स्वास्थ्य केंद्रों पर अल्ट्रासाउंड जांच की व्यवस्था नहीं है, वहां गर्भवती की स्थानीय स्तर पर निशुल्क निजी अल्ट्रासाउंड सेंटर पर जांच की जा सके। पिछले वर्ष से प्रत्येक अल्ट्रासाउंड जांच पर सेंटर को 425 रुपये मिल रहे थे। इसके लिए जिले में 15 निजी अल्ट्रासाउंड सेंटरों से अनुबंध किया ...