नई दिल्ली, जनवरी 9 -- हिंदू धर्म में मृत्यु से पहले गौ दान की परंपरा बहुत प्राचीन और पवित्र है। गरुड़ पुराण के प्रेत कल्प में इसका विस्तार से वर्णन है। मान्यता है कि मृत्यु के समय या जीवन के अंतिम चरण में गाय दान करने से आत्मा को परलोक में सुगम यात्रा मिलती है और मोक्ष प्राप्ति के योग बनते हैं। गाय को माता का स्वरूप माना जाता है और इसमें 33 कोटि देवताओं का वास होता है। गौ दान करने से सभी देवता प्रसन्न होते हैं और मृत आत्मा को यमलोक में कष्ट नहीं होता। गरुड़ पुराण में कहा गया है कि गौ दान सबसे बड़ा दान है, जो पाप नष्ट करता है और पुण्य बढ़ाता है। आइए विस्तार से जानते हैं इसका महत्व।गरुड़ पुराण में गौ दान का वर्णन गरुड़ पुराण के अनुसार, मृत्यु के बाद आत्मा यमलोक की यात्रा करती है। यह यात्रा बहुत कष्टदायी होती है। गौ दान करने से आत्मा को गाय ...
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