रांची, अक्टूबर 9 -- रांची, विशेष संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट ने गुरुवार को राजधानी रांची के मधुकम और रुगड़ीगढ़ा में शहरी गरीबों के लिए बनाए गए फ्लैटों पर अवैध कब्जे को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने मौखिक कहा कि यह समझ से परे है कि इतने बड़े पैमाने पर लोगों ने सरकारी आवासों पर कब्जा कर लिया और सरकारी मशीनरी वर्षों तक हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। अदालत ने इसे कानून व्यवस्था की खुली धज्जियां उड़ाने वाली स्थिति बताया और रांची नगर निगम को एक सप्ताह के भीतर सभी अवैध कब्जे हटाने का निर्देश दिया।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.