फर्रुखाबाद कन्नौज, मार्च 17 -- कायमगंज, संवाददाता हज़रत बाबा जूही शाह के आस्ताने पर 15 वें रोज़े के मौके पर आयोजित रोज़ा इफ्तार में सज्जादानशीन सूफ़ी हज़रत मुशीर अहमद क़ादरी चिश्ती वारसी ने रमज़ान की फज़ीलत पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि रमज़ान का खास महत्व इस बात से भी है कि इसी पाक महीने में अल्लाह ने अपने बंदों पर रोज़े रखने का हुक्म दिया। रोज़े का मकसद न सिर्फ भूख-प्यास सहकर अल्लाह की इबादत करना है, बल्कि इसका असली उद्देश्य गरीबोंऔर जरूरतमंदों के दर्द को महसूस करना है। रमज़ान का यह रोज़ा इंसान को हमदर्दी, इंसानियत और दया की राह पर चलने के लिए प्रेरित करता है। इस मौके पर आस्ताना सदर जनाब मसूद खां, ज़मीर अहमद, बब्लू भाई, हरिओम, औरंगज़ेब, खलील भाई, सनी बाथम, अंशुल गंगवार, सलीम खां, कामरान खान, बंटी, अख़लाक प्रधान भुकसी, हाफ़िज़ आज़म, ...
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