शाहजहांपुर, नवम्बर 24 -- जनपद में शरदकालीन गन्नों की बोआई शुरू है। ऐसे में किसानों को किस्मों में विविधता की सलाह दी गई है। इससे उत्पादन भी बढ़ेगा और कीटों की मार भी कम होगी। गन्ना शोध संस्थान शाहजहांपुर के प्रसार अधिकारी डॉ. संजीव पाठक ने किसानों को चेताया है कि शरदकालीन बोआई में एक ही प्रजाति लगाने का चलन खेत को बड़े नुकसान के खतरे में डाल देता है। कीट प्रकोप हमेशा चुनिंदा किस्मों पर ही अधिक होता है, ऐसे में विविध प्रजातियों का मिश्रण ही खेत और किसान दोनों को सुरक्षित रख सकता है। डॉ. संजीव पाठक ने बताया कि कई किसान एक ही किस्म का गन्ना बड़े क्षेत्र में लगा देते हैं। यह तरीका बेहद जोखिम भरा है, क्योंकि किसी विशेष प्रजाति पर कीटों का हमला होने पर पूरा खेत प्रभावित हो जाता है और किसान की पूरी साल की मेहनत पर पानी फिर सकता है। उन्होंने कहा ...