अररिया, दिसम्बर 29 -- रानीगंज। एक संवाददाता। रानीगंज से जुड़े सीमावर्ती प्रखंड बनमनखी में चीनी मिल बंद होने के बाद से ही यहां से धीरे-धीरे गन्ने की मिठास ही गायब हो गयी। लोग अपने खेतों में गन्ना की जगह धान- गेहूं, मक्का सहित अन्य दूसरी फसल लगाने को बाध्य हो रहे हैं। हालांकि रानीगंज के खरसायी, धामा, परिहारी आदि पंचायतों के एकाध किसान गन्ने की थोड़ी बहुत खेती करते हैं। लेकिन उनकी हालत अच्छी नहीं है। किसान बताते है कि गन्ने खरीददारी करने वाला कोई नहीं है। जबकि यहां की मिट्टी गन्ने उत्पादन के लिए काफी उपजाऊ (मुफीद) मानी जाती है। यदि हालत ऐसी रही तो क्षेत्रवासियों के लिये गन्ने के रस का स्वाद गुजरे जमाने की बात हो जाएगी। कभी बड़े पैमाने पर होती थी गन्ने की खेती: जानकार बताते हैं कि अररिया आरएस, धामा, बसैटी, पहुंसरा, परिहारी, कोशकापुर, सहित जिले क...