रिषिकेष, नवम्बर 27 -- चीनी मिल डोईवाला से जुड़ी गन्ना समितियां दो वर्षों से किसानों को कंप्यूटर के माध्यम से फोन पर मैसेज कर गन्ना पर्चियां भेज रही हैं। ऐसे में गेहूं की बुआई का इंतजार कर रहे किसानों को पर्चियां देरी से मिलने से दिक्कतें आ रही हैं। गन्ना किसानों ने सर्वे के दौरान मुंडा और नया गन्ना अलग-अलग दर्शाते हुए पर्ची वितरण की व्यवस्था लागू करने की मांग की है। उनका यह भी आरोप है कि गन्ना कैलेंडर में मुंडा गन्ना की खेती करने वाले किसानों की पर्चियां पीछे लगाई जा रही हैं, जिससे वह खेत गेहूं की बुआई के लिए खाली ही नहीं कर पा रहे हैं, जबकि 30 नवंबर तक अगेती और तीन दिसंबर तक पछेती किस्म के गेहूं की बुआई का समय है। लिहाजा, मुंडा गन्ना की खेती से संबंधित किसान लगातार गन्ना पर्ची की मांग समितियों से कर रहे हैं। गन्ना किसान आदेश कृषाली और ज्...