वाराणसी, जनवरी 12 -- वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। शारीरिक तंदुरुस्ती के चार मूल मंत्र गति (स्पीड), क्षमता (स्ट्रेंथ), लचीलापन (फ्लेक्सिबिलिटी) और सहनशक्ति (एंडोरेंस) हैं। स्वस्थ और चोट-मुक्त रहने के लिए इन सभी का संतुलित होना जरूरी है, जिसे नियमित व्यायाम के माध्यम से बेहतर बनाया जा सकता है। यह विचार भारतीय क्रिकेट टीम के पहले फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. अली इरानी ने व्यक्त किए। डॉ. इरानी रविवार को बीएचयू के स्वतंत्रता भवन में आयोजित बनारस फिजियो कॉन्क्लेव को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ये चारों अवयव व्यक्ति को तेजी से हिलने-डुलने, अधिक बल लगाने, जोड़ों को उनकी पूरी गति सीमा में घुमाने तथा लंबे समय तक शारीरिक गतिविधि करने में सक्षम बनाते हैं। कम समय में तेजी से चलने की क्षमता गति, एक बार में अधिकतम बल लगाने की क्षमता स्ट्रेंथ, जोड़ों को पू...