अलीगढ़, जनवरी 26 -- अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। ब्रिटिश हुकूमत के समय 1914 में तत्कालीन कलेक्टर डब्ल्यूएस मैरिस द्वारा बनवाया गया दरबार हॉल आज आजादी की संघर्षगाथा सुना रहा है। 1804 से 1947 तक अलीगढ़ के स्वतंत्रता के महासमर में दिए गए योगदान को यहां लगी तस्वीर जीवंत कर रही हैं। इस महासमर में जिलेभर के वीर स्वतंत्रता सेनानियों, महिलाओं, साधु-संतों व वैश्याओं का भी योगदान रहा। आजादी का अमृत महोत्सव के समन्वयक सुरेंद्र शर्मा बताते हैं कि अंग्रेजों के खिलाफ जंग का ऐलान अलीगढ़ में 1804 में ही कर दिया गया था। छतारी के नवाब नाहर खान के योद्धा ऊदैयाजी ने अंग्रेजों की गुलामी से खफा होकर सैकड़ों अंग्रेजों को मौत के घाट उतार दिया। इनकी वीरता के चर्चे आज भी अलीगढ़ के आस-पास के क्षेत्रों में कहे सुने जाते हैं। अंग्रेजों ने 19 सितम्बर 1807 में अलीगढ़ जिले...
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