अलीगढ़, जनवरी 26 -- अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। आजादी के संघर्ष में योगदान देने वाली एक ऐसी मातृशक्ति भी अलीगढ़ की सरजमीं से जुड़ी जिसने बुर्के से बाहर स्वतंत्रता आंदोलन में अपनी सक्रिय भूमिक निभाई थी। यह मातृशक्ति थी इंकलाब जिंदाबाद का नारा देने वाले हसरत मोहानी की बेगम निशात इन निशा। बेशक उनका जन्म लखनऊ में हुआ लेकिन उनकी कर्मभूमि आजादी से पूर्व अलीगढ़ ही रही। अंग्रेजों के खिलाफ अलीगढ़ खिलाफत स्टोर के नाम से रसलगंज में पहली खादी कपड़ों की दुकान भी उनके द्वारा खोली गई थी। निशात-उन-निसा बेगम एक भारतीय स्वतंत्रता सेनानी, पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता थीं। उन्होंने पर्दे (घूंघट) की प्रथा को तोड़कर स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भागीदारी की। वे कांग्रेस सत्रों को संबोधित करने वाली पहली मुस्लिम महिलाओं में से एक थीं। 1921 में उन्होंने कांग्रेस वि...