अलीगढ़, जनवरी 26 -- अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। देश की आजादी में अलीगढ़ का अहम योगदान रहा है। इसी तरह 1930 में हुए नमक आंदोलन से जुड़ा भी एक किस्सा अजब ही है। तब स्वतंत्रता सेनानी टोडर सिंह द्वारा मजिस्ट्रेट से यह कह देने पर कि आपने हमारा नमक खाया है, अब आप हमें सजा नहीं दे सकते। बस, इतना सुनते ही गिरफ्तार स्वतंत्रता सेनानियों को रिहा कर दिया था। आजादी के अमृत महोत्सव के जिला समन्वयक सुरेन्द्र शर्मा बताते हैं कि जिले में नमक आंदोलन को सफल बनाने के लिए आगरा के महान स्वतंत्रता सेनानी कृष्णदत्त पालीवाल अपने भाई ओमप्रकाश पालीवाल के साथ अलीगढ़ आए और स्वतंत्रता सेनानी तस्सदुक अहमद शेरवानी, ज्वालाप्रसाद जिज्ञासु, हाफिज उस्मान, ख्वाजा अब्दुल मजीद, रमाशंकर याज्ञनिक के साथ गुप्त मीटिंग की। इस कार्य को अंजाम देने के लिए हकीम तुलसी प्रसाद की बगीची सराय...
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