देवरिया, अक्टूबर 9 -- देवरिया, निज संवाददाता। गंभीर प्रशासनिक लापरवाही के चलते मेडिकल कॉलेज की घटना हुई। इस मामले में प्राचार्य सीधे जिम्मेदार हैं, उन्हे हटाना कोई दंड नहीं हैं,तत्काल सस्पेंड किया जाना चाहिए। तीन साल बाद तबादला करने की जगह प्राचार्य का कार्यकाल क्यों बढ़ाया गया। सत्ताधारी दल के माननीय इस मामले में मौन क्यों हैं। पांच साल में मेडिकल कॉलेज को शासन से मिले ग्रांट की एसआईटी से जांच किया जाय। उक्त बातें बुधवार को जिला कांग्रेस कार्यालय पर प्रेसवार्ता में कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता व पूर्व विधायक अखिलेश प्रताप सिंह ने कही। उन्होंने कहा कि कुछ साल से मेडिकल कालेज निगेटिव घटनाओं के चलते चर्चा में रहता है। यहां की बदइंतजामी की खबरें आये दिन उजागर होती है। पानी की टंकी में शव मिलना और करीब दस दिनों तक उसका पानी मरीजों, तीमारदार...
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