मिर्जापुर, जुलाई 20 -- चुनार। चुनार के किला मोड़ पर स्थित साहित्य संत धाम घाट पर पीपल के वृक्ष के तले विराजमान पतित पावनी मां गंगा अपनी बहन मां सरस्वती को समाहित करने को बेताब हैं साथ में प्रथम पूज्य गणपति देव भी डूब रहे हैं। सरस्वती माता की मूर्ति की नीचे का हिस्सा डूब चुका है। उनकी वीणा समेत ऊपरी भाग शेष रह गया है।
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