प्रयागराज, जुलाई 18 -- बंधवा स्थित बड़े हनुमानजी मंदिर में गुरुवार की भोर में तीन बजे जलस्तर कम होने पर गर्भगृह से जल निकालकर और पवनसुत का अभिषेक व आरती करने के बाद कपाट दोपहर तीन बजे भक्तों के दर्शन के लिए खोल दिया गया था, लेकिन मध्यरात्रि से जलस्तर फिर बढ़ने लगा। रात 2:28 बजे गंगा मैया ने दोबारा पवनसुत को स्नान कराया। महंत बलवीर गिरि ने अपने शिष्यों के संग गंगा मइया का स्वागत किया। सुंदरकांड व हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। पवनसुत को लाल वस्त्र ओढ़ाकर शयन कराया गया। उसके बाद पवनसुत की चल मूर्ति को मंदिर के ऊपरी कक्ष में स्थापित किया गया। उन्होंने बताया कि यह अद्भुत संयोग है कि भगवान शिव के पवित्र मास में गंगा मइया स्वयं रुद्रावतार का महाभिषेक करने के लिए दोबारा पहुंची हैं।
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