प्रयागराज, जनवरी 19 -- सद्विप्र समाज सेवा के संस्थापक स्वामी कृष्णानंद ने माघ मेला स्थित अपने शिविर में सोमवार को प्रवचन में कहा कि गंगा केवल नदी नहीं, बल्कि भारतीय सनातन संस्कृति की सजीव मां हैं। त्रिवेणी संगम में किया गया स्नान केवल शरीर की शुद्धि नहीं करता, बल्कि आत्मा को पवित्र कर सद्बुद्धि एवं जीवन कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने कहा कि संगम तट पर श्रद्धा भाव से किया गया स्नान, दान और ध्यान मानव जीवन को सार्थक बनाता है। कार्यक्रम में उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान, लोक सेवा आयोग के सदस्य डॉ. कल्पराज सिंह भी मौजूद रहे।

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