आरा, सितम्बर 2 -- पीरो, संवाद सूत्र। पीरो के परमानन्द नगर में चातुर्मास्य व्रत स्थल पर भारत के महान मनीषी संत लक्ष्मी प्रपन्न जीयर स्वामी जी महाराज ने कहा कि गंगा के जल और मिट्टी का बहुत ही विशेष महत्व है। गंगा के जल और मिट्टी के स्पर्श से व्यक्ति की मृत्यु तक सुधर जाती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। गंगा नदी में आप स्नान कर अपने जीवन को कृतार्थ करते हैं। पर उस गंगा नदी के पावन तट पर गंदगी फैलाते हैं, तो पाप का भागी बनते हैं। इसीलिए कभी भी गंगा, यमुना या किसी भी नदी के पावन तट पर गंदगी नहीं फैलाना चाहिए। बताया गया है कि तीर्थ क्षेत्र में जो गलती कर दी जाती है, उसका दंड भोगना पड़ता है। इसीलिए कभी भी किसी भी तीर्थ क्षेत्र में गलती से भी गलती नहीं करनी चाहिए। कभी-कभी लोग गंगा के तट पर शौच, दंतधावन, कुला इत्यादि करने लगते हैं, जो कि बहुत ...
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