कानपुर, जनवरी 29 -- कानपुर। गंगा किनारे बसे दस जिलों के पानी की जांच जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज करेगा। एनजीटी की संस्तुति पर एम्स नई दिल्ली ने जीएसवीएम को यह जिम्मा दिया है। गंगा के पानी में कोमियम, मर्करी जैसे खतरनाक रासायनिक तत्वों की जांच के लिए मेडिकल कॉलेज में लैब स्थापित होगी। प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि साढ़े 28 करोड़ का प्रस्ताव लैब के लिए बनाया गया है। इस लैब में गंगा के अलावा कुएं, तालाब के पानी की भी जांच होगी। पानी का सेहत पर क्या असर पड़ेगा, इसकी तह तक जाया जाएगा। इसके अलावा टीमों को संबंधित क्षेत्रों में भी भेजा जाएगा। प्रस्ताव सीएमओ, एडी स्वास्थ्य को भेजा गया है।
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