वाराणसी, जनवरी 16 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। सुबह-ए-बनारस आनंद कानन की घाट संध्या में शुक्रवार की शाम दो शास्त्रीय नृत्य कलाओं का संगम हुआ। अस्सी घाट पर हुए आयोजन के प्रथम चरण में भरतनाट्यम की भंगिमाएं देखने को मिलीं। दूसरे चरण में कथक की सुरुचिपूर्ण प्रस्तुति हुई। विदुषी प्रियंवदा तिवारी एवं उनकी शिष्याओं रागिनी शाह, अनामिका श्रीवास्तव, प्रतिष्ठा त्रिपाठी ने भरतनाट्यम की शुरुआत गणपति पुष्पांजलि से की। त्रिशअलारिपु के अंतर्गत शिव स्तोत्र एवं दुर्गा स्तुति पर केंद्रित सम्मोहक नृत्य प्रस्तुत किया। समापन अष्टपदि से किया जिसमें श्रीराधाकृष्ण की रासलीला के विभिन्न पक्षों को भंगिमाओं और भावों के माध्मय से दर्शाया। दूसरे चरण में छत्तीसगढ़ की युवा कलाकार उपासना भास्कर ने कथक के कथ्य अपने भावों से प्रस्तुत किए। शिव स्तुति से नृत्य की शुरुआत करने...
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