संभल, नवम्बर 28 -- गंगा एक्सप्रेसवे पर मानो रफ्तार कम होने का नाम ही नहीं ले रही। रसूलपुर धतरा गांव के पास गुरुवार शाम हुए दिल दहला देने वाले हादसे में आदमपुर निवासी रोहित के परिवार के 6 लोग काल के गाल में समा गए, लेकिन इसके बावजूद एक्सप्रेसवे पर वाहनों की एंट्री बंद नहीं की गई। हादसे की गंभीरता ने जहां पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया, वहीं दूसरी ओर सड़क पर दौड़ती गाड़ियाँ ऐसे निकल रही हैं मानो रफ्तार ही उनकी पहचान हो। लोगों में ये सवाल गूंज रहा है इतने बड़े हादसे के बाद भी आखिर कब जागेंगे जिम्मेदार?" गंगा एक्सप्रेसवे पर लगातार फर्राटा भरते वाहन अब रोमांच से ज्यादा खतरे की घंटी बनते नजर आ रहे हैं। रफ्तार के इस बेफ़िक्र खेल ने सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया है।

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