मुरादाबाद, मई 21 -- सुप्रीम कोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद मंगलवार को खोखा संचालकों ने अफसरों की तरफ रुख किया। कमिश्नर से मुलाकात करने की कोशिश की, लेकिन व्यस्तता के कारण नहीं मिल सके। असिस्टेंट कमिश्नर से मुलाकात हुई। उनके समक्ष मांगें रखी गईं। जिलाधिकारी से मुलाकात की,लेकिन कहीं से भी राहत नहीं मिल सकी। प्रशासनिक अफसरों ने दो टूक कहा कि दुकानें चाहिए तो नीलामी में भाग लेना होगा। खोखा धारकों को वैकल्पिक दुकान आवंटन का अधिकार खत्म हो चुका है। वहीं दूसरी ओर खोखा संचालकों का कहना है कि प्रीमियम की किश्त बनवाकर दुकानें आवंटित की जानी चाहिए। निगम अधिकारियों ने अलग-अलग स्थानों पर बनाई गई पोर्टा केबिन का निर्धारित समयावधि में आवंटन कराने का ऑफर दिया, लेकिन खोखा संचालक पक्की दुकान आवंटित किए जाने की मांग पर अड़े हैं। पोर्टा केबिन का आफर भी एक...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.