लखनऊ, फरवरी 4 -- अलीगंज स्थित एलडीए कोचिंग सेंटर और स्टेडियम के निजीकरण के फैसले से यहां प्रशिक्षण लेने वाले खिलाड़ियों में रोष है। पिछले 20 वर्षों से क्रिकेट की 'नर्सरी' माना जाने वाला यह केंद्र अब निजी हाथों में सौंप दिया गया है, जिससे खिलाड़ियों, अभिभावकों और प्रशिक्षकों में गहरा असंतोष है। इस केंद्र ने अक्षदीप नाथ और जीशान अंसारी जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी देश को दिए हैं। स्थानीय निवासियों और खिलाड़ियों का मानना है कि निजीकरण के बाद फीस में भारी वृद्धि होगी, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के प्रतिभाशाली बच्चे खेल से दूर हो जाएंगे। यहां के छात्र सिद्धार्थ कुमार के अनुसार खिलाड़ियों ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है कि खेल परिसरों का उद्देश्य 'मुनाफा' नहीं, बल्कि 'प्रतिभा तराशना' होना चाहिए। इस निर्णय से खेल केवल संपन्न वर्ग तक सीमित हो...