नई दिल्ली, जनवरी 4 -- ग्रेटर नोएडा, कार्यालय संवाददाता। रिंग तैयार नहीं। प्रतियोगिता के लिए जरूरी साजो-सामान नहीं। मुक्केबाजों और तकनीकी अधिकारियों को जानकारी तक नहीं। विश्व चैंपियन मीनाक्षी हुड्डा सहित कई मुक्केबाजों को रविवार को गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के हाल में बैठकर घंटों इंतजार करना पड़ा। पहली बार एक-साथ हो रही पुरुषों और महिलाओं की सीनियर राष्ट्रीय मुक्केबाजी का ऐतिहासिक क्षण अफरा-तफरी और लंबे इंतजार में बदल गया। आखिरकार करीब साढ़े चार घंटे के इंतजार के बाद शाम 6:30 बजे पुरुषों के मुकाबले के साथ चैंपियनशिप का आगाज हुआ। जबकि महिलाओं के मुकाबले छह घंटे से भी ज्यादा देरी से रात आठ बजे के बाद शुरू हुए। इसमें भी 35 में से सिर्फ तीन मुकाबले ही हो सके। मनाक्षी लंबे इंतजार के बाद स्टेडियम से लौंटी : महिला वर्ग के शुरुआती मुकाबले में भिड़न...
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