अररिया, नवम्बर 23 -- कुर्साकांटा, निज प्रतिनिधि खेती किसानी की बात आते ही हमारे मन में हल बैल से खेती की बातें मन में आ जाती है। अब हल बैल से खेती बीतें दिनों की बात हो गई। नई पीढ़ी के ज्यादातर किसान हल बैल से खेती करना नहीं चाहते हैं। अब हल बैल की जगह ट्रैक्टर, रोटावेटर, कल्टीवेटर, हैरो, टिलर सहित कई तरह की मशीनें ले ली है। चारागाहों की कमी, बैलों की बढ़ती कीमत, बैलों की पालने की जोखिम, मजदूरों की कमी और समय की बचत के कारण किसान खेती की जुताई में हल बैल की जगह मशीनों से काम ले रहे हैं। हालांकि कम खेत जोतने वाले किसान अब भी हल बैल से ही खेतों की जौत आबाद कर रहे हैं। कुछ वर्ष पूर्व तक हर किसान के पास बैल होता था। बैल से खेतों की जुताई होती थी लेकिन बदले परिस्थति में बैलों की जगह ट्रैक्टर व पॉवर टैलर ले लिया है। किसान बैल नहीं पाल रहे हैं। आध...