लोहरदगा, नवम्बर 26 -- लोहरदगा, संवाददाता। लोहरदगा जिले में धान की कटाई अंतिम चरण में पहुंच चुकी है, लेकिन सरकारी क्रय केंद्र अब तक शुरू नहीं होने से किसान समर्थन मूल्य का लाभ पाने से वंचित हो रहे हैं। जबकि पड़ोसी राज्य बिहार में धान खरीद प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। परिणामस्वरूप जिले के किसान मजबूरी में बिचौलियों को मात्र 1700 रुपये प्रति क्विंटल के दर पर धान बेचने को विवश हैं, जबकि सरकार द्वारा 2400 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य निर्धारित है। स्थानीय किसानों का कहना है कि फसल कटाई के बाद कर्ज चुकाना अनिवार्य हो जाता है, वहीं घरों में भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। ऐसे में बिचौलिये खेत से ही धान खरीदकर मौके पर भुगतान कर दे रहे हैं, जिससे किसान उनकी ओर झुक रहे हैं। दूसरी ओर, सरकारी क्रय केंद्रों में धान पहुंचाने में परिवहन, लोडिंग- ...