सासाराम, दिसम्बर 6 -- बिक्रमगंज, निज संवाददाता। खेतों में पराली जलाने से पर्यावरण प्रदूषण बढ़ता है। साथ ही भूमि की उर्वरता घटती है तथा स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें उत्पन्न होती है। फिर भी किसान ऐसी हरकतों से बाज नहीं आ रहे है। जिस कारण अनुमंडल प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए पुआल-पराली जलाने पर संबंधित नियमों को कड़ाई से लागू करने के निर्देश दिये हैं।

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