सिमडेगा, नवम्बर 17 -- सिमडेगा। जिले के खेतों में इस समय धान, मूंगफली, मड़ुआ आदि फसल पक कर तैयार है। इन फसलों के बीच एक रखवाली करने के लिए अनोखा प्रहरी भी खेतों में खड़ा है। वह है पुआल, पुराने कपड़ों और बांस की टहनियों से बना "पुतला"। यह पुतला भले ही निर्जीव है लेकिन किसानों के लिए यह डराने वाला ढांचा के साथ खेतों में लगी फसलों की सुरक्षा और उम्मीद का भरोसेमंद साथी से कम नहीं है। किसानों का मानना है कि यह पुतला उनके खेतों में लगी फसलों की चिड़िया, बंदर, चूहा, जंगली सुअर और अन्य जानवर से रक्षा करता है। किसानों ने बताया कि फसल तैयार होते ही खेतों की ओर चिड़िया, बंदर, चूहा, जंगली सुअर और अन्य जानवरों का झुंड आकर्षित होते हैं। ऐसे में खेत के बीचोंबीच खड़ा यह पुतला उन जीवों को भ्रमित करता है कि खेत में कोई इंसान मौजूद है। इससे जानवर खेत में आने...